Friday, July 22, 2011

वॉकर मतलब ईज़ी चेयर...

पल-पल बढ़ती नन्ही सी रुनझुन हर अगले पल कुछ नया, कुछ अनोखा करती रहती... उसकी बाल-सुलभ मासूम शरारतें अपने भोलेपन से हमारी सारी थकान, सारी परेशानियों को पल में दूर कर देतीं... उसके छोटे से पायल की मीठी रुनझुन पूरे घर में गूँजती रहती... उसकी नन्ही किलकारियों से हमारा घर-आँगन भर उठता... देखते ही देखते बेटी ने नन्हे-नन्हे कदमों से चलने की कोशिश भी शुरू कर दी... हमने उसकी मदद करने की सोची और वॉकर लेकर आये... लेकिन ये क्या...?.... वॉकर  को तो बेटी ने ईज़ी चेयर बना लिया... वॉकर का उपयोग बेटी कुछ यूँ करती....
वॉकर में आराम से बैठती...
उसमें लगे खिलौनों से थोड़ी देर खेलती... 

और बस! जब मन भर जाता तो बाहर निकालने की ज़िद चालू...वॉकर में बैठकर वॉक करना उसे बिलकुल पसंद नहीं था... और इस तरह वॉकर बेचारा तो ईज़ी चेयर बन गया... और बेटी स्वतन्त्र... बिना किसी बंधन के पूरे घर में डोलती-फिरती... जहाँ सहारा मिलता वहाँ पकड़-पकड़ कर, खड़े होकर चलती और जहाँ नहीं मिलता वहाँ पेट के बल सरक जाती... ऐसे ही गिरते-पड़ते क्या-क्या कारस्तानियाँ दिन भर घर में होती रहती उसकी एक बानगी आइये आपको भी दिखाते हैं....   
पहले तो मम्मी के साथ पूजा  
और फिर पापा के साथ मस्ती 
ये है बेटी की फेवरेट जगह 
क्योंकि यहाँ से नीला आसमान, चिड़िया, फूल और पत्ते सब दिखते हैं   
 टेबल ऊंचा है? कोई बात नहीं बेटी के पास तरकीब है न !
मम्मी की चुन्नी का बेहतर इस्तेमाल...स्पेशल पगड़ी 
बाप रे! इत्ता बड़ा गुब्बारा!...इसे तो हाथ-पैर, मुँह सबसे पकड़ना पड़ रहा है!!!  

4 comments:

  1. बहुत मजा आया रुनझुन ये छवियाँ बोलती है -सच में मस्त मौला -खिड़की झरोखा -बाल्टी के अन्दर और न जाने क्या क्या -बचपन इसी तरह संजोया जाये खुश रखा जाये तो कहना ही क्या ..ढेर सारी शुभ कामनाये -पलने और पालने वाले दोनों को
    भ्रमर ५

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  2. रुनझुन को बहुत बहुत प्यार व आशीर्वाद|

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  3. hehehehehe!! meri rajkumari!! :)

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  4. Wow ..Nice Photographs..Congts.

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आपको मेरी बातें कैसी लगीं...?

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