गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः |
गुरुर्साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः ||
गुरुर्साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः ||
मित्रों, सबसे पहले बहुत सारा ''SORRY!!'' ( इतने दिनों तक आप सबसे दूर रहने के लिये).... मेरे 2nd Unit Test प्रारंभ हो गए हैं और इसलिए आज-कल मैं उसमें बिज़ी हूँ.... लेकिन आज मैंने आप सबसे बातें करने के लिए थोड़ा सा वक़्त निकाल ही लिया... "5 सितम्बर" का दिन हम विद्यार्थियों के लिए बहुत विशेष होता है.... ये वो दिन होता है जब हमें अपने टीचर्स के प्रति अपने प्यार और सम्मान को विशेष रूप से व्यक्त करने का मौका मिलता है... इस दिन को मनाने की शुरुआत कैसे हुई आइये जानते हैं....
हमारे देश के द्वितीय राष्ट्रपति- डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन अपना जन्मदिन नहीं मनाया करते थे...एक बार उनके कुछ मित्रों और विद्यार्थियों ने उनसे उनका जन्मदिन मनाने की इजाज़त माँगी तो राधाकृष्णन ने कहा कि उनका जन्मदिन अलग से मनाने की बजाय यदि वे इस दिन (5 सितम्बर) को शिक्षक दिवस के रूप में मनाये तो उन्हें ज़्यादा खुशी होगी...और तभी से भारत में 5 सितम्बर को ''शिक्षक दिवस'' के रूप में मनाया जाने लगा...
हर बार तो इस दिन हमारी छुट्टियाँ रहती थीं लेकिन इस बार हमें स्कूल में इस दिन को सेलीब्रेट करने मौका मिल रहा है... इसलिए इस दिन के लिए हमने कुछ विशेष तैयारियां की हैं... हमारी क्लास के सारे बच्चों ने मिलकर टीचर्स के लिए कार्ड्स बनाये हैं और हमने अपनी टीचर्स के लिए एक सरप्राइज़ डांस भी तैयार किया है....
कुछ कार्ड्स जो मैंने अपनी टीचर्स के लिए बनाये हैं, आप भी देखिये...
आपको मेरे बनाये कार्ड्स कैसे लगे मुझे ज़रूर बताइयेगा....




















