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Sunday, September 30, 2012

Save Water


Water Pollution hence crisis of water... A major problem which we are facing today. Friends, there are thousands of examples today of crisis of water, such as Drought, Famine, Scarcity of Water etc. 

But, still why don't we follow just two simple words- "SAVE WATER" 

Why don't we stop wasting water ?
Why don't we stop polluting water ?
Why don't we start conserving water ?    
Why don't we start Rain water harvesting ?

The answer of all these complicated questions is just one---- We are not aware. We waste the water and calmly sleep.... Wake up friends!!! and save water for the future !!!... using water wisely is not as complicated as it seems to be. 

WATER! a very simple word, but the whole cycle of earth is dependent only on this 'Five letter word'.

The act of using water wisely should be started from our homes. We do and others will follow... We take a step ahead and others will do the same. So start conserving water... if  we determine to save water we can surely succeed in our mission.  

          "WATER"
One word with five letters
Very-very essential for us

 Each and every drop of its
 Very important, very precious 

Remember! One drop 
can save your life!

Save water, Conserve water 
Turn the future.

Make it bright and happy 
All together !!!      


Our school conducted a Poster making competition to spread the importance of saving water. There was an active participation from all the students. I had also taken part in this competition and secured First prize. Here is the poster which I had created for the competition :






   

Friday, September 7, 2012

Beautiful world of colours...


फ्रेंड्स!

मेरी परीक्षा शुरू हो जाने के कारण मैं आप सबसे कुछ दिनों तक ज़्यादा  बातें नहीं कर पाऊँगी... लेकिन आज मैं अपनी कुछ ड्राइंग्स, जो लगभग दो-तीन वर्ष पहले मैंने पेंसिल कलर और Oil pastel से बनाई हैं... आप सबसे शेयर करना चाहती हूँ..... तो ये हैं वो ड्राइंग्स....

  • ये हैं मेरी ''Pencil Colours'' की ड्राइंग्स...

Pink Rose

Under Water Life

Alice in Wonderland


Engagement 

Flower vase

The King of Forest


  • और ये हैं ''Oil Pastels'' के चित्र....

Still Life

Magic of flowers

गौतम बुद्ध

Terries View

Hibiscus(गुड़हल)... Red Beauty

भूत बंगला






दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही.... मैं जल्द ही आप सबके सामने दोबारा हाज़िर होउंगी... कुछ नयी और कुछ पुरानी ड्राइंग्स का पिटारा लेकर....                    




Monday, June 18, 2012

Father's Day

हेलो फ्रेंड्स!!
कैसे हैं आप सब??... मेरी गर्मी की छुट्टियाँ अब समाप्त हो गयी... हम वाराणसी से 14 जून, 2012 को चल कर 16 जून को वापस गाँधीधाम आ गए... आज मेरे स्कूल का छुट्टियों के बाद पहला दिन था.. मुझे बहुत मज़ा आया... इन छुट्टियों की बहुत सारी बातें आपसे शेयर करनी है लेकिन सबसे पहले मैं कल की बातें करना चाहती हूँ....जी हाँ कल यानि 17 जून, 2012 जो एक बहुत ही खास दिन था... आपको भी तो पता है न कि कल था... पितृ-दिवस.. मतलब ''फ़ादर्स डे'' (Father's Day)... तो फ्रेंड्स, किसी भी इवेंट के पहले हम सब क्या करते हैं....?.... जी हाँ.... उसके बारे में जानते हैं.... तो आइये कुछ जाने फ़ादर्स डे के बारे में...

''फ़ादर्स डे'' के दिन मैं सुबह टी.वी देख रही थी तभी मैंने एक कहानी पढ़ी तो सोचा कि आप सब से भी शेयर कर लूँ...
फ़ादर्स डे कैसे शुरू हुआ?
बहुत साल पहले यू.एस.ए. में ''सोनारा डोड'' नामक एक लड़की रहती थी.. उसकी माँ का निधन हो गया था और वो अपने पापा और 5 भाइयों के साथ रहती थी.. एक दिन रविवार को वो अपने पापा के साथ चर्च गयी और वहाँ पर उसे ''मदर्स डे'' के बारे में पता चला.... और तब उसने सोचा कि यदि मदर्स डे होता है तो एक दिन हमारे पिताओं को भी समर्पित होना चाहिए... उसने फ़ादर्स डे मनवाने का दृढ़ निश्चय कर लिया और एक औपचारिक पत्र भी भेजा... आखिरकार सन 1923 में फ़ादर्स डे को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया... येsssss.....!!! थैंक्यू ''सोनारा डोड'' अगर आप ने फ़ादर्स डे मनाने का दृढ़ निश्चय नहीं किया होता तो आज हमारे पिताओं को एक भी दिन समर्पित नहीं होता...

अब चलिए मैं आपको दिखाती हूँ कि मैंने अपना फ़ादर्स डे कैसे मनाया...
मैंने अपने पापा को एक प्यारा सा कार्ड दिया प्यारे से मैसेज के साथ... 


Dear Father,
You are a great soul.
You always serve us
Your love, care and
many more things
which can't be written...
Your hands are always on me
and when I need them
You give me frequently....

Your ears are always open
to hear our secrets,
and some nonsense
which we whisper in.
Sometimes you go impatient
and punish us too
to make us a great person
like you !!!

'O' Papa,
you are wonderful...
we're gonna love
and obey you...

Have a wonderful day !
Keep smiling !!! 


भाई ने भी पापा को अपने हाथों से बना कार्ड दिया....


है ना बहुत ही प्यारा सा कार्ड !!!


और सचमुच पापा बहुत-बहुत खुश हुए उन्होंने प्यार से हमें गले लगा लिया....


My father is my Hero !!!
He is really Great !!!







Sunday, April 22, 2012

आज है पृथ्वी दिवस



हाँ, आज पृथ्वी दिवस (Earth Day) है... और हर जगह आज इसकी चर्चा भी है... किसी भी स्पेशल दिन पर हम उससे सम्बंधित बातें तो बहुत ढेर सारी करतें हैं लेकिन फिर अगले ही दिन हम सब-कुछ भूल जाते हैं... तभी तो हमारी पृथ्वी दिनों-दिन अपना सौंदर्य खोती जा रही है... लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि अब तो हम बच्चे भी जागरूक हो रहे हैं... अब हमें भी पता है कि हमारी पृथ्वी को हरा-भरा स्वस्थ और सुन्दर बनाये रखने के लिए हमें पर्यावरण-प्रदूषण को रोकना है, पानी के दुरुपयोग को रोकना है, पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों की रक्षा करनी है... हम इसके लिए पूरा प्रयास करेंगे और वो दिन दूर नहीं जब हमारी छोटी-छोटी कोशिशें रंग लायेंगी और हमारी ये ख़ूबसूरत धरती और भी निखर उठेगी...  


To save our Mother Land, 
I also lend my hand... 


पेड़ लगाओ, वृक्ष उगाओ |
धरती माँ को स्वस्थ बनाओ ||


तो आज के इस स्पेशल दिन चलिए मैं आपको एक ऐसी दुनिया में ले चलती हूँ... जो मुझे उतनी ही पसंद है जितनी अपनी पृथ्वी... और ये है मेरे रंगों की इन्द्रधनुषी दुनिया... इस दुनिया में आपको चारों तरफ सुन्दर, चमकीले ढेर सारे रंग ही रंग दिखाई देंगे... बिलकुल वैसे ही जैसे हमारी सुन्दर धरती पर चारों तरफ सुन्दर-सुन्दर रंग बिखरे हैं...... मैं एक एक करके इन सारे रंगों से आपको मिलवाऊँगी.... लेकिन सबसे पहले आइये आपको दिखाती हूँ वो रंग जिसने मुझे मेरी लाइफ का पहला पुरस्कार दिलाकर मुझे बहुत बड़ी खुशी दी थी... और सबसे बड़ी बात ये है कि ये भी हमारी धरती से ही रिलेटेड है... लेकिन रुकिए....मुझे उससे पहले आपको और कुछ भी बताना है....


ये तब की बात है जब मैं यू.के.जी. की वार्षिक परीक्षाएँ देकर खाली ही हुई थी एक दिन मैंने पेपर में एक advertisement देखा... "बिहार राज्य पर्यावरण प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड" की ओर से "On spot drawing competition" होने वाला था। मैंने मम्मी-पापा को वो ऐड दिखाया और मेरा नाम मम्मी-पापा ने रजिस्टर करवा दिया....टॉपिक था- रंग बिरंगे फूल, पहाड़, और तितलियाँ आदि....बस फिर किस बात कि देर थी?...शुरू हो गयी मेरी फर्स्ट ड्राइंग कम्पटीशन की तैयारी... आखिरकार कम्पटीशन का दिन आ गया...और मैं पेपर में लिखे पते पर पापा के साथ चल पड़ी....बाप रे!!! वहाँ तो इतने सारे लोग थे.... मैं इतने सारे लोगों का मुकाबला कैसे कर पाउंगी?.....
लेकिन मन में अगर हम कुछ करने की ठान लें तो हमें कोई नहीं रोक सकता..है ना फ्रेंड्स?


सबसे पहले हम जिस जगह पर गए वह एक बड़ा-सा मैदान था और हमें उसी मैदान में बैठकर ही ड्राइंग बनानी थी... हमें एक-एक बड़ी सी ड्राइंग शीट दे दी गई... मैंने अभी अपनी ड्राइंग बनानी शुरू ही की थी कि तभी बारिश शुरू हो गई!!!... इन्द्र भगवान की वर्षा से हम बच्चों की सारी Drawings खराब हो गयीं थीं पर इंद्र भगवान ने अगर गड़बड़ की थी तो उन्होंने ही सब ठीक भी कर दिया और हमारे कम्पटीशन को पोस्टपोन  नहीं होने दिया... वहाँ से हम सब ''बिहार राज्य पर्यावरण प्रदूषण कण्ट्रोल बोर्ड'' के ऑफिस में गए और वहाँ पर अपनी Drawings को कन्टीन्यू किया...

फिर शुरू हो गई मेरी गर्मी की छुट्टियाँ.....मैं मम्मी और भाई के साथ अपने नानी के घर बनारस चल दी..और पापा पटना में ही थे... कुछ ही दिनों बाद उन्हें एक फ़ोन कॉल आया कि आपकी बेटी, प्रांजलि दीप ''बिहार राज्य पर्यावरण प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड'' कम्पटीशन में सेकेंड आई है!!!! पापा ने फ़ोन करके मुझे बताया... मैंने तो सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं इतनी अच्छी ड्राइंग करती हूँ!!!... मैं बहुत-बहुत खुश हुई... 


ये रही मेरी सेकेण्ड प्राइज़ विनिंग ड्राइंग और विजेता कप.....


Second Prize
Save Trees... Save Environment


और अगले वर्ष फिर "बिहार राज्य पर्यावरण प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड" के द्वारा ये प्रतियोगिता आयोजित की गयी... इस बार मेरी कैटिगरी के लिए विषय था... "हमारी पृथ्वी"  मुझे लगा कि सिर्फ़ हरी-भरी और पानी वाली पृथ्वी तो सभी बनायेंगे लेकिन मुझे भविष्य की पृथ्वी से सबका परिचय करवाना चाहिये... दोस्तों! आप सब तो ये जानते ही होंगे कि यदि हम पृथ्वी के गहनों यानी वृक्षों को काटते हैं तो हम हमारी पृथ्वी को भी हानि पहुंचाते हैं... तो मैंने भी अपनी ड्राइंग के द्वारा यही विचार व्यक्त करने की कोशिश की... आप सब भी देखिये....


Save trees... Save our Mother Land


तो मित्रों, आप समझ गए न कि यदि हम पेड़ों को काटेंगे तो धरती एक दिन यूँ ही टूट कर बिखर जायेगी... और मेरा यह सन्देश शायद निर्णायक मंडल ने समझ लिया...  तभी तो मुझे इस बार प्रथम पुरस्कार मिला... 


First Prize !!!


इन पुरस्कारों की वजह से मेरा नाम पटना के कई अखबारों में भी प्रकाशित हुआ.....





































तो मित्रों अब पृथ्वी के भविष्य को बदलने के लिए हम सभी को हाथ बंटाना होगा, हमारी धरती को हरा-भरा बनाकर.... तो चलिए हम सब आज संकल्प लें कि हम अपनी प्यारी धरती को नष्ट नहीं होने देंगे और धरती के भविष्य को बदल कर दिखायेंगे... !!! 

Happy World Earth Day to all my Friends !!!!  




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